मन

मन....चंचल है... इसे...बांधे रखें.......बाकि बंधन... बाकि गांठें खोल दे...यही जीवन है......मुक्त हों...उन्मुक्त हों...

जीवन एक उत्सव है .... उसे उत्सव की तरह मनाएं, उसे उत्सव की तरह जिएं ! अपने आपको सम्मान दें और उस  खुदा को, उस ईश्वर को धन्यवाद  दें जिसने तुम्हे इस उत्सव को मनाने का मौका दिया !

मुश्किल वक़्त का सामना  एक चट्टान की तरह करें , संघर्ष करें .... समर्पण नहीं ! वक़्त कभी नहीं रुकता अपनी रफ़्तार को कम  करें , जो कल था वह आज नहीं है  तो जो आज है वह कल नहीं होगा ! यह मैनें अपनी  माँ से सीखा, जिसने अपनी अंतिम  साँस तक सिर्फ और सिर्फ  संघर्ष किया .... समर्पण नहीं!




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