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परिस्थितियों जैसी हैं उन्हें वैसा ही स्वीकार करें- पांच सूत्र (१)

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परिस्थितियों जैसी हैं उन्हें वैसा ही स्वीकार करें- पांच सूत्र (१) समय बहुत बलवान है ऐसा किताबों में  लिखा गया है और हमने उसे बार-बार पढ़ा भी है और समय-समय पर महसूस भी किया है और एक बार फिर वक्त ने इसका अंदाज हमें दिला दिया है की उससे कोई नहीं जीत सकता और चाहा कर भी समय की धारा को कभी मोड़ा नहीं जा सकता ! एक बार मैंने कहा था की जब आप कतार में सबसे पीछे खड़े होंगें और कोई और आपका नेतृत्व कर रहा होगा तो आपको किंचित भी दुखी होने की, परेशान होने की जरुरत नहीं है क्योंकि जब कतार वापिसी करेगी तो आप सबसे पीछे नहीं बल्कि सबसे आगे होंगे और कतार की कमान संभाल रहे होंगे, कतार का नेतृत्व कर रहे होंगें  उसी कतार का जिसमें कभी आप सबसे पीछे थे, यांनि समय और परिस्थितियां सदैव एक सी नहीं रहती बस जरुरत है आपको अपने आपको क़ायम रखने की ! वर्तमान विश्व में जो परिदृश्य बने हुए हैं उसमें यह बात बिल्कुल सटीक और सही साबित होती दिखती है और इन्हीं परिस्थितियों को एक शृंख्ला-बद्द तरीके से एक-एक मोती को हम माला मैं पिरोने का प्रयास करे...

NO CoRoNa_GO CoRoNa#Selfbelief_Selfdiscipline

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सब्र का फल मीठा होता है....और बेसब्री सदा नुक्सान पहुंचाती है !

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सब्र का फल मीठा होता है....और बेसब्री सदा नुक्सान पहुंचाती है,  सब्र को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और अपने जीवन में सब्र करना सीखिए, सब्र से हो सकता है कि  समय रहते शायद आप बहुत ज्यादा कुछ हासिल न कर सकें, पर बेसब्री से आपका नुक्सान निश्चित है और वह भी तुरंत बिना किसी देरी के ! इसलिए जो मिला है, जो आपके पास है सब्र कर उसका आनंद लें, और जो तुम्हे मिलने वाला है उसके लिए बिना हड़बड़हाट सब्र करें, जी हाँ, गिरकर उठने का सब्र, न की उठने से पहले ही गिरने की बेसब्री, अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाने तक का सब्र, न की अपनी कमजोरी में और कमजोर होने की बेसब्री, जब कभी ऊर्जा कम लगे तो ऊर्जा के वापिस लौटने का सब्र, न की उसके आगे समर्पण कर बिखर जाने की बेसब्री, हमेशा ध्यान रहे तूफानों में वही लोग दुर्घटना ग्रस्त होते हैं जो तूफ़ान में सब्र नहीं करते और उनकी बेसब्री  के कारण  वह तूफ़ानों से जल्द से जल्द निकलने के चक्कर में बिना उसके रुके उससे जा भिड़ते हैं और जो अपनी गाडी, अपनी रफ़्तार को सब्र की ब्रेक लगा लेते हैं वह एक तरफ रू...

सफल जीवन के दस महत्वपूर्ण मंत्र-२

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सफल जीवन के दस महत्वपूर्ण मंत्र-२  : १) अपना बेस्ट देने के चक्कर में, ऐसा न हो की अपना बेटर भी न कर पाएं, इसलिए बेहतरीन के प्रयास से अच्छा है की अपनी तरफ से बेहतर करें ! २) हरदम 'हाँ' से बचें और 'न' का इस्तेमाल अपने जीवन में सही समय पर और सही मात्रा में करें ! ३) अपनी बात को कम शब्दों में रखना सीखें और हर दायरे में आपके शब्द हों और हर शब्द का अपना दायरा हो ! ४) खुश रहने को अपनी आदत बनाएं, मज़बूरी की नींव पर आपकी ख़ुशी की इमारत कभी न खड़ी करें अपने लिए ख़ुशी को बाहर तलाशने की बजाए अपने भीतर तलाशिए ! ५) आप क्या हैं, आप कौन हैं आप को किसी के प्रमाण की जरुरत नहीं है, अपने लिए किसी और के प्रमाण-पत्र का इन्तजार नहीं करिए आपकी पहचान, आपका काम आपके अलावा किसी और के प्रमाण पत्र का मोहताज़ नहीं हो ! ६) अपने "मैं" को अपनी चप्पल की तरह बाहर रख कर अपने मंदिर रूपी 'घर' और 'कार्यक्षेत्र' में प्रवेश करें, आपका अहम् सिर्फ एक वहम है यतार्थ नहीं ! ७) आप खुशनसीब है की आपका एक परिवार है और आपके परिवार को भी अपने होने की खुशनसीबी  का एहसास  होने ...

स्वछता के चार चरण (4S यानि 4 स्टेप्स )

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स्वछता के चार चरण ( 4S यानि 4 स्टेप्स ) १)      अपने भीतर की सफाई:   मन की सफाई…...मन से, भीतर उतर कर......भीतर की सफाई, जो भी मैल मन में हो उसको साफ़ करें… . .समय - समय से उसको हटाएँ अधिक दिनों तक न जमने दें ! अपनी आँखों के आगे की मैल साफ़ करें.....शीशा नहीं ताकि आपको चीजें साफ़ दिखाई दें सकें, अपने नजरिये को बदलिए तो बाहर के नज़ारे अपने आप ही बदले-बदले नजर आयेगें ! जब आपका मन स्वच्छ हो और विवेक आपका काम कर रहा हो तभी यह समझ आप पैदा कर पायेंगे की क्या करना है, और क्या नहीं.......क्या उचित है , क्या नहीं !   स्वछता का यह प्रथम चरण है, किन्तु इस अभियान का और इस महायज्ञ का सबसे मजबूत और बेहद जरुरी चरण यही है , इसी चरण की सफलता पर आपकी आगे की सफलता निर्भर करेगी ! इसलिए सबसे ज्यादा जरुरत इस चरण का ध्यान देने की है.....और वो भी किसी और को नहीं सिर्फ और सिर्फ आपको ! २)      अपने शरीर की सफाई:   यह सफाई का वह चरण है जो आपके बाहरी स्वरूप को साफ़ करेगा जो औरों को दिखेगा, आप अगर भीतर से स्वच्छ हैं और बाहर से नहीं, तो खुद आ...

सफल जीवन के दस सफल मंत्र-१

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सफल जीवन के दस सफल मंत्र-१  : १) अपने परिवार को भरपूर समय दें, उनके बीच क्वालिटी समय बिताएं वही आपकी शक्ति का असली और सबसे बड़ा स्त्रोत हैं ! २) दिन में कम से कम आधा घंटा जरूर ध्यान या प्राणयाम  करिए, यह आपके अंदर की आक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है और आपको नई ऊर्जा प्रदान करता है ! ३) हमेशा सकारात्मक लोगों के साथ रहे, नकारात्मक व्यक्तियों से दूरी बना कर रखें और सकारात्मक बनें रहें, अपनी सोच अपना कार्य सकारात्मक रखें परिणाम स्वतः ही अच्छा होगा ! ४) आप ही अपने सबसे अच्छे  और सच्चे मार्गदर्शक हैं, लोगों की और दूसरों की बातें सुनें जरूर पर अपने निर्णय स्वंय लें  क्योंकि यह आप जानते हैं की आप के लिए क्या सही है और क्या गलत किसी के हाथ अपना रिमोट न दें ! ५) आपकी सबसे बड़ी पूंजी आपके बच्चे हैं वही आपका भविष्य हैं इसलिए उनको वर्तमान में अपना समय, अच्छे संस्कार, सही राह और उचित मार्गदर्शन जरूर दें ! ६) अपने काम अपने कर्मक्षेत्र के प्रति हमेशा वफ़ादार रहें और दिए गए कार्यों को पूरी जिम्म...

जिंदगी की गाडी में पांच चीजों का होना बहुत जरुरी है !

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जिंदगी की गाड़ी अपनी सही गति से, बिना दुर्घटना के अपनी मंजिल तक पहुँच सके इसके लिए आपकी जिंदगी की गाड़ी में पांच चीजों का होना बहुत जरुरी है:  १) स्टियरिंग  २) गियर  ३) एक्सेलरेटर  ४) क्लच  और  ५) ब्रेक  आप को लग रहा होगा की यह पाँचों चीजें तो किसी गाड़ी के लिए जरुरी है न की हमारे जीवन के लिए, इन पाँचों चीजों का हमारे जीवन से क्या वास्ता चूँकि जिंदगी का रास्ता बड़ा है तो इनका वास्ता भी बड़ा है तो इन पाँचों को हमारे लिए समझना भी बहुत जरुरी है  : १) स्टीयरिंग :   स्टीयरिंग हमारी जीवन की गाडी को दिशा प्रदान करता है और इस का सही इस्तेमाल हमें जीवन के ऊँचें-नीचे, सीधे और घुमावदार रास्तों पर कायम रखता है, यह स्टीयरिंग और कोई नहीं बल्कि हमारा जिंदगी को जीने का, मुश्किलों से मुकाबला करने का और अपने परिवार और अपनों  के प्रति हमारा रवैया है, यही स्टीयरिंग, यह रवैया हमारी जिंदगी की गाडी को सही दिशा प्रदान करता है और अगर हम अपने स्टीयरिंग को, अपने रवैया...